दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत

तटीय इलाकों को खाली करने के निर्देश
फिलीपींस। दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। रिक्टर पैमाने पर 7.8 तीव्रता दर्ज किए गए इस भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया, जापान और अन्य तटीय देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि कई इलाकों में संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।
भूकंप के तेज झटके स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7:37 बजे महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक इसका केंद्र मिंडानाओ तट के पास जमीन के भीतर अपेक्षाकृत कम गहराई पर स्थित था, जिससे झटकों का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में महसूस किया गया। कई लोगों ने घबराकर घरों और कार्यालयों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।
तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता
भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने समुद्र तट के नजदीक रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में एक मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय बस्तियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
फिलीपींस की ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान एजेंसी (PHIVOLCS) ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति का इंतजार किए बिना ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि समुद्री लहरों की गतिविधि अगले कई घंटों तक जारी रह सकती है।
इंडोनेशिया में भी अलर्ट
भूकंप के असर को देखते हुए इंडोनेशिया ने भी अपने कई तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की है। मौसम एवं भूभौतिकी एजेंसी के अनुसार बोर्नियो, कालीमंतन और सुलावेसी के कुछ हिस्सों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को एहतियातन तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इमारतों को नुकसान, लोगों में भय
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिलीपींस के जनरल सैंटोस शहर में एक इमारत का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इसके अलावा कई स्थानों पर भवनों में दरारें आने और कुछ मकानों के ढहने की खबरें भी मिली हैं। हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स का खतरा भी बना रहता है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं जापान, ताइवान, गुआम, पापुआ न्यू गिनी और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के अन्य द्वीपीय देशों में भी छोटी सुनामी लहरों की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।




